मोती सिंह (Moti Singh)

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🏛️ पूर्व कैबिनेट मंत्री (उ.प्र. सरकार), 4 बार MLA (पट्टी) व वरिष्ठ भाजपा नेता | व्यक्तित्व विशेष

राजेंद्र प्रताप सिंह 'मोती सिंह': जीवन परिचय, पट्टी से 4 बार विधायक, ग्राम्य विकास मंत्री पद व राजनीतिक सफर

पट्टी (प्रतापगढ़) से 4 बार विधायक, पूर्व कैबिनेट मंत्री (ग्राम्य विकास एवं कृषि राज्य मंत्री) और भाजपा के दिग्गज नेता राजेंद्र प्रताप सिंह 'मोती सिंह' का संपूर्ण जीवन वृत्त, छात्र राजनीति से मंत्रालय तक का सफर व चुनावी इतिहास।

🌟 संक्षिप्त जीवन परिचय (Quick Profile)
पूरा नाम:
राजेंद्र प्रताप सिंह
लोकप्रिय नाम:
मोती सिंह (Moti Singh)
जन्म तिथि:
20 अक्टूबर 1954 (प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश)
माता-पिता:
स्व. भरत सिंह 'गांधी' (पिता) व स्व. कौशल्या देवी (माता)
उच्च शिक्षा:
B.Sc. एवं LL.B. (इलाहाबाद विश्वविद्यालय)
राजनीतिक दल:
भारतीय जनता पार्टी (BJP)
पूर्व मंत्री पद:
कैबिनेट मंत्री (ग्राम्य विकास - 2017-2022) व कृषि राज्य मंत्री (2003)
विधायी रिकॉर्ड:
4 बार विधायक (MLA) पट्टी (1996, 2002, 2007, 2017) व पूर्व MLC (1990)
राजनीतिक शुरुआत:
मंगरौरा ब्लॉक प्रमुख (1983 एवं 1988)
मूल निवास:
ग्राम सबजीतपुर / पट्टी, जनपद प्रतापगढ़ (उत्तर प्रदेश)

उत्तर प्रदेश की राजनीति और विशेष रूप से प्रतापगढ़ जनपद में राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ 'मोती सिंह' भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सबसे कद्दावर और अनुभवी नेताओं में अग्रणी माने जाते हैं। छात्र राजनीति से शुरुआत कर इलाहाबाद विश्वविद्यालय से विधि स्नातक (LL.B.) की उपाधि प्राप्त करने वाले मोती सिंह ने जमीनी स्तर पर जनता के बीच मजबूत पकड़ बनाई।

वे प्रतापगढ़ के पट्टी विधानसभा क्षेत्र से 4 बार (1996, 2002, 2007 और 2017) विधायक चुने गए। वर्ष 1990 में विधान परिषद सदस्य (MLC) रहने के बाद वे 2003 में उत्तर प्रदेश के कृषि राज्य मंत्री बने। वर्ष 2017 में योगी आदित्यनाथ सरकार में उन्हें कैबिनेट मंत्री (ग्राम्य विकास एवं ग्रामीण अभियंत्रण विभाग) का महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया, जहां उन्होंने प्रदेश भर के ग्रामीण अंचलों में विकास की नई इबारत लिखी।

📋 व्यक्तिगत एवं पारिवारिक विवरण (Personal & Family Profile)

विषय (Particulars) विवरण (Information)
पूरा नाम व संबोधन राजेंद्र प्रताप सिंह (लोकप्रिय संबोधन: 'मोती सिंह')
जन्म तिथि एवं स्थान 20 अक्टूबर 1954 | जनपद प्रतापगढ़ (उत्तर प्रदेश)
माता-पिता स्व. भरत सिंह 'गांधी' (पिता) एवं स्व. कौशल्या देवी (माता)
उच्च शैक्षणिक योग्यता बी.एस-सी. (B.Sc. - 1974) एवं एलएल.बी. (LL.B. - 1977), इलाहाबाद विश्वविद्यालय (University of Allahabad)
राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी (BJP)
कर्मभूमि / विधानसभा क्षेत्र पट्टी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र (Patti Assembly Constituency - 249), प्रतापगढ़
पूर्व मंत्री पद दायित्व • कैबिनेट मंत्री: ग्राम्य विकास विभाग (2019-2022)
• कैबिनेट मंत्री: ग्रामीण अभियंत्रण सेवा (2017-2019)
• राज्य मंत्री: कृषि विभाग (2003)
संसदीय / विधायी अनुभव 4 बार विधानसभा सदस्य (MLA) एवं 1 बार विधान परिषद सदस्य (MLC)
पेशा व व्यवसाय कृषि, व्यापार एवं सक्रिय जनसेवा
आवासीय पता ग्राम सबजीतपुर / पट्टी, तहसील पट्टी, जनपद प्रतापगढ़ (उ.प्र.)

🌱 प्रारंभिक जीवन, छात्र राजनीति एवं मंगरौरा से राजनीतिक उदय

राजेंद्र प्रताप सिंह का जन्म प्रतापगढ़ के एक प्रतिष्ठित और संभ्रांत परिवार में हुआ था। उनके पिता स्व. भरत सिंह को उनके सादगीपूर्ण जीवन और सेवाभाव के कारण सम्मानपूर्वक 'गांधी' उपनाम से पुकारा जाता था। उच्च शिक्षा के लिए वे इलाहाबाद (प्रयागराज) गए, जहां उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से विज्ञान स्नातक (B.Sc.) और उसके बाद कानून की पढ़ाई (LL.B.) पूरी की।

🚩 मंगरौरा ब्लॉक प्रमुख (1983 एवं 1988) से MLC बनने का सफर

मोती सिंह के सक्रिय राजनीतिक सफर की औपचारिक शुरुआत वर्ष 1983 में हुई, जब वे मंगरौरा विकास खंड से पहली बार रिकॉर्ड मतों से ब्लॉक प्रमुख चुने गए। क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता इतनी प्रबल थी कि 1988 में वे दोबारा मंगरौरा के ब्लॉक प्रमुख निर्वाचित हुए।

स्थानीय स्तर पर पंचायती राज में उनकी असाधारण पकड़ और संगठनात्मक क्षमता को देखते हुए वर्ष 1990 में वे उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) के सदस्य चुने गए। यहीं से उनके राज्य स्तरीय संसदीय जीवन की मजबूत नींव पड़ी।

⚖️ 1989 का ऐतिहासिक पट्टी विधानसभा चुनाव एवं विधिक संघर्ष

वर्ष 1989 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान मोती सिंह ने पट्टी विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनावी ताल ठोकी थी। उस समय देश में जनता दल की लहर चल रही थी और मुकाबला जनता दल के प्रत्याशी राम लखन से था।

📌 मतगणना विवाद और न्यायपालिका में लंबी लड़ाई

उस चुनाव में मतगणना को लेकर गंभीर तकनीकी विसंगतियां और गड़बड़ी सामने आई थीं। मोती सिंह का स्पष्ट पक्ष था कि मतगणना में हुई अनियमितताओं के कारण उनके वैध मतों की सही गिनती नहीं हो सकी।

उन्होंने अपने लोकतांत्रिक अधिकार और जनता के जनादेश की रक्षा के लिए इस परिणाम को उच्च न्यायालय में चुनौती दी। यह विधिक संघर्ष उत्तर प्रदेश के राजनीतिक और चुनावी इतिहास में एक नजीर के रूप में याद किया जाता है, जिसने उनके जुझारू तेवर को पूरे प्रदेश में स्थापित किया।

🗳️ 4 दशक का चुनावी सफर: 4 बार विधायक, 1 बार MLC व 2 बार मंत्री

पट्टी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के ध्वजवाहक के रूप में मोती सिंह ने दशकों तक पार्टी का जनाधार बढ़ाया और कई ऐतिहासिक चुनावी जीत दर्ज कीं:

वर्ष सदन / पद दल / स्थिति चुनावी परिणाम व महत्वपूर्ण उपलब्धि
1983 ब्लॉक प्रमुख (मंगरौरा) निर्दलीय (विजयी) प्रथम बार मंगरौरा विकास खंड के प्रमुख पद पर ऐतिहासिक जीत
1988 ब्लॉक प्रमुख (मंगरौरा) निर्दलीय (विजयी) लगातार दूसरी बार मंगरौरा के ब्लॉक प्रमुख निर्वाचित
1990 विधान परिषद (MLC) सदस्य, उ.प्र. विधान परिषद उत्तर प्रदेश विधान परिषद में पहुंचकर राज्य स्तरीय राजनीति में सक्रिय भूमिका
1996 विधानसभा (पट्टी) भाजपा (विजयी) प्रथम बार पट्टी विधानसभा से विधायक निर्वाचित होकर विधानसभा पहुंचे
2002 विधानसभा (पट्टी) भाजपा (विजयी) सपा प्रत्याशी को पराजित कर लगातार दूसरी बार पट्टी से विधायक बने
2003 मंत्री पद (उ.प्र. सरकार) भाजपा उत्तर प्रदेश शासन में कृषि राज्य मंत्री का दायित्व संभाला
2007 विधानसभा (पट्टी) भाजपा (विजयी) बसपा की प्रदेशव्यापी लहर के बावजूद पट्टी से हैट्रिक लगाते हुए तीसरी बार विधायक बने
2012 विधानसभा (पट्टी) भाजपा (उपविजेता) 61,278 वोट प्राप्त किए; सपा के राम सिंह पटेल से बेहद नजदीकी मुकाबले (मात्र 156 वोटों के अंतर) में रहे
2017 विधानसभा (पट्टी) भाजपा (विजयी) चौथी बार प्रचंड बहुमत से विधायक बने; योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री (ग्राम्य विकास) बने

🏛️ योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री (2017–2022) के रूप में ऐतिहासिक कार्य

वर्ष 2017 के ऐतिहासिक विधानसभा चुनाव में जब भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड बहुमत मिला, तब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पहले मंत्रिमंडल में मोती सिंह को कैबिनेट मंत्री बनाया गया:

विभाग एवं कार्यकाल प्रमुख कार्य एवं ऐतिहासिक उपलब्धियां
ग्रामीण अभियंत्रण सेवा (2017–2019) उत्तर प्रदेश के गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के लिए संपर्क मार्गों का जाल बिछाया गया, सेतु निर्माण और ग्रामीण बुनियादी ढांचे का अभूतपूर्व आधुनिकीकरण किया गया।
ग्राम्य विकास विभाग (2019–2022) प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में उत्तर प्रदेश को देश में शीर्ष स्थान दिलाया।
मनरेगा (MGNREGA) के तहत कोरोना काल में लाखों प्रवासी श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया।
• राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के अंतर्गत लाखों स्वयं सहायता समूहों (SHGs) का गठन कर ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया।
पट्टी विधानसभा क्षेत्र का कायाकल्प पट्टी में नई सड़कों का निर्माण, बिजली उपकेंद्रों की स्थापना, स्वास्थ्य केंद्रों का उच्चीकरण, आईटीआई व शैक्षणिक संस्थानों का विकास कराया।

🎥 राजेंद्र प्रताप सिंह 'मोती सिंह': विशेष वीडियो व साक्षात्कार (Video Feature)

🗺️ पट्टी विधानसभा एवं तहसील (प्रतापगढ़): लाइव लोकेशन मैप (Google Maps)

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q1. राजेंद्र प्रताप सिंह 'मोती सिंह' किस विधानसभा सीट से विधायक रहे हैं?

वे प्रतापगढ़ जनपद की पट्टी विधानसभा सीट (Patti Assembly Constituency - 249) से 4 बार (1996, 2002, 2007 और 2017) भारतीय जनता पार्टी के विधायक रहे हैं।

Q2. मोती सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार में किन मंत्रालयों का कार्यभार संभाला?

वे वर्ष 2003 में उत्तर प्रदेश के कृषि राज्य मंत्री रहे और 2017 से 2022 तक योगी आदित्यनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री (ग्राम्य विकास एवं ग्रामीण अभियंत्रण सेवा) के पद पर रहे।

Q3. मोती सिंह की शैक्षणिक योग्यता क्या है?

उन्होंने देश के विख्यात इलाहाबाद विश्वविद्यालय (University of Allahabad) से विज्ञान स्नातक (B.Sc. - 1974) और विधि स्नातक (LL.B. - 1977) की उपाधि प्राप्त की है।

Q4. मोती सिंह के राजनीतिक सफर की शुरुआत कहां से हुई थी?

उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत वर्ष 1983 में प्रतापगढ़ के मंगरौरा विकास खंड के ब्लॉक प्रमुख के रूप में हुई। 1988 में वे दोबारा ब्लॉक प्रमुख बने और 1990 में उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) के सदस्य निर्वाचित हुए।

Q5. मोती सिंह के पिता का क्या नाम था?

उनके पिता का नाम स्व. भरत सिंह 'गांधी' था, जिन्हें उनके सात्विक, निष्कलंक और परोपकारी व्यक्तित्व के कारण सम्मानवश 'गांधी' नाम से जाना जाता था।

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