1306 फ़सली अर्थात 1306+590=1896 ईस्वी यानि आज से लगभग 127 साल पहले ये कोट राजा बजरंग बहादुर सिंह के द्वारा बनवाई गई। कोई संतान न होने के कारण ये गद्दी मिली प्रतापगढ़ के तिलई बाजार के रहने वाले सोमवंशी राजघराने को। जिसमें वीरेंद्र, धीरेन्द्र, सुरेन्द्र, नीरज, राजेन्द्र प्रताप सिंह तथा इनके पिता लाल अमर बहादुर सिंह थे। वर्तमान में इन्हीं की वर्तमान पीढ़ी में आलोक सिंह इस कोठी के संरक्षक हैं। ये कोठी सराय नाहर राय में होला का पुरवा-मांधाता मार्ग से 750 मीटर अंदर स्थित है।
मित्र इसी राजघराने के हम भी है जिसने प्रतापगढ़ का सबसे बड़ा उद्दोग स्थापित किया है कृपया हमारे पिताश्री का नाम भी दर्ज करने की कृपा करें
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