प्रतापगढ़ जिला गजेटियर (1980): 19 अध्यायों में बेल्हा का संपूर्ण प्रामाणिक इतिहास | Pratapgarh Gazetteer Hub

🏛️ उत्तर प्रदेश जिला गजेटियर श्रृंखला (1980)

प्रतापगढ़ जिला गजेटियर: 19 अध्यायों में जिले का संपूर्ण प्रामाणिक इतिहास

बेल्हा की जीवनदायिनी सई नदी, प्राचीन जंगलों, तालुकेदारों, खेती-किसानी, कलेक्ट्रेट कचहरी, शिक्षा और 26 ऐतिहासिक स्थलों का सबसे गहरा और सरकारी प्रमाणित दस्तावेज। अब आसान, सरल और रोचक हिंदी में एक ही जगह उपलब्ध।

19 अध्याय संपूर्ण विषय संकलन
1980 मूल गजेटियर प्रकाशन
345 पृष्ठ गहन प्रामाणिक शोध
100% नि:शुल्क डिजिटल इतिहास आर्काइव
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अध्याय 1
प्रतापगढ़ की नदियों का इतिहास सई और बकुलाही नदी

प्रतापगढ़ की नदियों का इतिहास

नदियों और जलस्रोतों का इतिहास

सई, गंगा, बकुलाही, चामू और 13 जलधाराओं का प्राचीन प्रवाह, कछार, ऐतिहासिक बाढ़ और घाटों का भूगोल।

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अध्याय 2
प्रतापगढ़ के वन्यजीवों का इतिहास पेड़ पौधे और वन संपदा

प्रतापगढ़ के वन्यजीवों का इतिहास

पेड़ पौधे और जीवों का इतिहास

जिले के पुराने जंगल, सई व गंगा कछार के बीहड़, भेड़िया, नीलगाय, दुर्लभ प्रवासी पक्षी और समृद्ध प्राकृतिक वनस्पति।

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अध्याय 3
प्रतापगढ़ की संस्कृति का इतिहास समाज और ग्रामीण जीवन

प्रतापगढ़ की संस्कृति का इतिहास

प्रतापगढ़ का जनजीवन और समाज का इतिहास

जिले की आबादी, जातियों का सामाजिक ढांचा, पारंपरिक रीति-रिवाज, मेले, खानपान और लोक जीवन की ऐतिहासिक झलक।

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अध्याय 4
प्रतापगढ़ की खेती का इतिहास पारंपरिक सिंचाई और किसान

प्रतापगढ़ की खेती का इतिहास

खेती और सिंचाई का इतिहास

पारंपरिक कुएं, रहट, तालाब, रबी-खरीफ फसलें और शारदा नहर नेटवर्क से हरियाली तक का प्रामाणिक कृषि सफर।

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अध्याय 5
प्रतापगढ़ के उद्योग का इतिहास पारंपरिक शिल्पकार और कुटीर उद्योग

प्रतापगढ़ के उद्योग का इतिहास

उद्योग और कारीगरी का इतिहास

आंवला मुरब्बा उद्योग, ग्रामीण कुटीर उद्योग, हथकरघा वस्त्र बुनाई, चमड़ा शिल्प और कुंडा चीनी मिल का इतिहास।

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अध्याय 6
प्रतापगढ़ के व्यापार का इतिहास गल्ला मंडियां और लेन देन

प्रतापगढ़ के व्यापार का इतिहास

व्यापार और बैंकिंग का इतिहास

कटरा गुलाब सिंह, पट्टी व कुंडा की गल्ला मंडियां, साहूकारी प्रथा और जिले में आधुनिक बैंकों की ऐतिहासिक शुरुआत।

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अध्याय 7
प्रतापगढ़ के परिवहन का इतिहास रेलवे सड़कें और डाक व्यवस्था

प्रतापगढ़ के परिवहन का इतिहास

आना जाना और सूचना का इतिहास

1898 में अवध-रुहेलखंड रेलवे नेटवर्क, प्रमुख राजमार्ग, सई नदी का पक्का पुल और डाक-तार संचार का प्रामाणिक सफर।

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अध्याय 8
प्रतापगढ़ के पेशों का इतिहास पारंपरिक आजीविका और कामगार

प्रतापगढ़ के पेशों का इतिहास

पैसे कमाने वाले कामों का इतिहास

खेती, बढ़ईगीरी, लोहारी, दफ्तरी काम, मुनीम, शिक्षक और पारंपरिक कारीगरों के विविध पेशों का ऐतिहासिक विश्लेषण।

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अध्याय 9
प्रतापगढ़ का आर्थिक इतिहास 1980 जीवन स्तर और मूल्य सूचकांक

प्रतापगढ़ का आर्थिक इतिहास

पैसे से बदलते जीवन का इतिहास

1 रुपये में 12 मन गेहूं, 3 रुपये दिहाड़ी, 15 विकास खंडों का गठन, मूल्य सूचकांक और जीवन स्तर का सरकारी दस्तावेज।

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अध्याय 10
प्रतापगढ़ प्रशासन का इतिहास कलेक्ट्रेट डीएम और तहसीलें

प्रतापगढ़ प्रशासन का इतिहास

सरकारी दफ्तर के काम-काज का इतिहास

जिला मुख्यालय बेल्हा, कलेक्ट्रेट, एसडीएम कोर्ट, तहसीलें और पूरे जिले को चलाने वाले प्रशासनिक तंत्र की संरचना।

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अध्याय 11
प्रतापगढ़ के लगान का इतिहास जमींदारी उन्मूलन और बंदोबस्त

प्रतापगढ़ के लगान का इतिहास

लगान और राजस्व का इतिहास

अवध की तालुकेदारी, 1856 का पहला बंदोबस्त, जमींदारी खात्मा और किसानों को जमीन का मालिकाना हक मिलने की दास्तान।

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अध्याय 12
प्रतापगढ़ में कानून का इतिहास पुलिस कोतवाली और अदालत

प्रतापगढ़ में कानून का इतिहास

कानून पुलिस और न्याय का इतिहास

पुराने थाने, ऐतिहासिक कोतवाली, डकैती व अपराध नियंत्रण, कचहरी और जिला जज अदालत का पूरा न्याय तंत्र।

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अध्याय 13
प्रतापगढ़ के सरकारी विभागों का इतिहास पीडब्ल्यूडी और सिंचाई

प्रतापगढ़ के सरकारी विभागों का इतिहास

खास सरकारी विभागों का इतिहास

पीडब्ल्यूडी, सिंचाई, कृषि, सहकारिता, वन और बिजली विभाग जैसे बुनियादी विभागों का ऐतिहासिक विकास कार्य।

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अध्याय 14
प्रतापगढ़ की पंचायतों का इतिहास नगर पालिका और पंचायती राज

प्रतापगढ़ की पंचायतों का इतिहास

नगर पालिका टाउन एरिया और पंचायती राज का इतिहास

बेल्हा नगर पालिका, कटरा गुलाब सिंह व मानिकपुर टाउन एरिया और गांवों में त्रिस्तरीय पंचायती राज का सफर।

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अध्याय 15
प्रतापगढ़ की शिक्षा का इतिहास गुरुकुल स्कूल और कॉलेज

प्रतापगढ़ की शिक्षा का इतिहास

गुरुकुल से डिग्री कॉलेज का इतिहास

प्राचीन संस्कृत पाठशालाएं, मकतब, पीबी डिग्री कॉलेज, हरिवंश राय बच्चन और महाकवि भिखारी दास की ज्ञान परंपरा।

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अध्याय 16
प्रतापगढ़ की चिकित्सा का इतिहास विक्टोरिया अस्पताल और जनस्वास्थ्य

प्रतापगढ़ की चिकित्सा का इतिहास

मेडिकल बीमारी और लोगों की सेहत का इतिहास

प्लेग, हैजा, चेचक जैसी भयानक महामारियों से संघर्ष, विक्टोरिया अस्पताल और आधुनिक चिकित्सा सेवाओं का विकास।

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अध्याय 17
प्रतापगढ़ की समाज सेवा का इतिहास लोक कल्याण और मद्यनिषेध

प्रतापगढ़ की समाज सेवा का इतिहास

लोगों की मदद करने वाली संस्थाओं का इतिहास

मद्यनिषेध (शराबबंदी) अभियान, पिछड़ा व दलित वर्ग उत्थान, अनाथालय, पेंशन योजनाएं और सैनिकों के लिए कल्याणकारी काम।

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अध्याय 18
प्रतापगढ़ की राजनीति का इतिहास चुनाव किसान आंदोलन और प्रेस

प्रतापगढ़ की राजनीति का इतिहास

चुनाव राजनीति और पत्रकारिता का इतिहास

1952 से लोकसभा-विधानसभा चुनाव, किसान आंदोलन, कालाकांकर प्रेस का 'हिंदोस्थान' अखबार और जनचेतना का इतिहास।

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अध्याय 19
प्रतापगढ़ की खास जगहों का इतिहास किले घाट और मंदिर

प्रतापगढ़ की खास जगहों का इतिहास

पुराने मंदिर किले और खास जगहों का इतिहास

प्रतापगढ़ का किला, मानिकपुर के घाट, कालाकांकर राजभवन, मां बेल्हा देवी, बेलखरनाथ, घुइसरनाथ और 26 ऐतिहासिक स्थल।

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प्रतापगढ़ की नदियों का इतिहास
अध्याय 1 ➔ सेक्शन: 'सई नदी अपवाह तंत्र, कछार एवं ऐतिहासिक बाढ़'
सई नदी जिले के मध्य से होकर 115 किमी बहती है। जिले में सई, बकुलाही, चामू, लोनी और गंगा (मानिकपुर) समेत 13 प्रमुख ऐतिहासिक जलधाराएं हैं। गजेटियर के अनुसार 1971 की सई नदी की बाढ़ अब तक की सबसे विनाशकारी ऐतिहासिक बाढ़ दर्ज है।
प्रतापगढ़ के वन्यजीवों का इतिहास
अध्याय 2 ➔ सेक्शन: 'प्राकृतिक वन संपदा, जंगली जीव एवं प्रवासी पक्षी'
1980 के गजेटियर अनुसार जिले में सकरदहा और सई-गंगा कछार के बीहड़ जंगल थे। यहाँ भेड़िया, नीलगाय, जंगली सुअर, सियार और सर्दियों में साइबेरियन व तिब्बती प्रवासी पक्षी बड़ी संख्या में आते थे। महुआ, ढाक, शीशम और बबूल प्रमुख वन संपदा रहे हैं।
प्रतापगढ़ की संस्कृति का इतिहास
अध्याय 3 ➔ सेक्शन: 'सामाजिक संरचना, लोक संस्कृति एवं ग्रामीण जीवन'
1971 की जनगणना में जिले की आबादी 14,22,707 थी। मीठी अवधी बोली, समृद्ध संयुक्त परिवार परंपरा, देहाती मेले, लोकगीत (बिरहा, कजरी, सोहर) और सांप्रदायिक सौहार्द बेल्हा की लोक संस्कृति का आधार रहे हैं।
प्रतापगढ़ की खेती का इतिहास
अध्याय 4 ➔ सेक्शन: 'पारंपरिक सिंचाई, फसल चक्र एवं शारदा नहर नेटवर्क'
जिले की 75% से अधिक आबादी कृषि पर आश्रित थी। शारदा नहर नेटवर्क, पुराने कुएं, रहट और पोखरे सिंचाई के मुख्य आधार थे। गेहूं, धान, जौ, दलहन के साथ-साथ प्रतापगढ़ के आंवले की बागवानी पूरे भारत में प्रसिद्ध हुई।
प्रतापगढ़ के उद्योग का इतिहास
अध्याय 5 ➔ सेक्शन: 'पारंपरिक शिल्प, कुटीर उद्योग एवं आंवला प्रसंस्करण'
जिले का सबसे प्रमुख उद्योग आंवला प्रसंस्करण (मुरब्बा, कैंडी, जूस) रहा है। इसके अलावा ग्रामीण कुटीर उद्योग, हथकरघा वस्त्र बुनाई, बढ़ईगीरी, लोहारी और कुंडा में स्थापित चीनी मिल जिले के औद्योगिक इतिहास के मुख्य स्तंभ हैं।
प्रतापगढ़ के व्यापार का इतिहास
अध्याय 6 ➔ सेक्शन: 'व्यापारिक केंद्र, गल्ला मंडियां एवं बैंकिंग व्यवस्था'
कटरा गुलाब सिंह, पट्टी, कुंडा और बेल्हा मुख्य गल्ला मंडियां थीं। 1980 से पहले ग्रामीण क्षेत्रों में साहूकारी व महाजनी प्रथा से लेन-देन होता था, जिसके बाद इलाहाबाद बैंक और भारतीय स्टेट बैंक की शाखाओं ने जिले में आधुनिक बैंकिंग का विस्तार किया।
प्रतापगढ़ के परिवहन का इतिहास
अध्याय 7 ➔ सेक्शन: 'रेलवे नेटवर्क, मुख्य राजमार्ग एवं डाक-तार संचार'
1898 में अवध एवं रुहेलखंड रेलवे (O&RR) लाइन से जिला पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़ा। इलाहाबाद-फैजाबाद और लखनऊ-वाराणसी राजमार्ग जिले की जीवनरेखा रहे। सई नदी पर बने पक्के पुल ने बेल्हा को आधुनिक यातायात से जोड़ा।
प्रतापगढ़ के पेशों का इतिहास
अध्याय 8 ➔ सेक्शन: 'पारंपरिक आजीविका, कामगार वर्ग एवं रोजगार संरचना'
गजेटियर के अनुसार जिले में 78% कामगार खेती और मजदूरी से जुड़े थे। शेष आबादी पारंपरिक हुनर—लोहार, कुम्हार, बढ़ई, दर्जी, मुनीम, पटवारी, शिक्षक और देहाती कारीगरी के जरिए अपनी जीविका चलाती थी।
प्रतापगढ़ का आर्थिक इतिहास
अध्याय 9 ➔ सेक्शन: 'मूल्य सूचकांक, मजदूरी दरें एवं 15 विकास खंड'
1980 गजेटियर में दर्ज है कि ऐतिहासिक काल में 1 रुपये में 12 मन (लगभग 450 किलो) गेहूं मिलता था। स्वतंत्रता के समय अकुशल मजदूर की दिहाड़ी 3 रुपये थी। जिले के नियोजित विकास के लिए 15 विकास खंड (ब्लॉक) बनाए गए थे।
प्रतापगढ़ प्रशासन का इतिहास
अध्याय 10 ➔ सेक्शन: 'जिला कलेक्ट्रेट ढांचा, तहसीलें एवं प्रशासनिक कार्य'
1858 में बेल्हा को जिले का प्रशासनिक मुख्यालय घोषित किया गया। कलेक्ट्रेट के शीर्ष पर जिलाधिकारी (DM) होते हैं। कुंडा, पट्टी, रानीगंज, लालगंज और सदर तहसीलों के उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (SDM) पूरे जिले के प्रशासन का संचालन करते हैं।
प्रतापगढ़ के लगान का इतिहास
अध्याय 11 ➔ सेक्शन: 'भू-राजस्व बंदोबस्त, जमींदारी उन्मूलन व मालगुजारी'
1856 में जिले में अंग्रेजों का पहला भू-राजस्व बंदोबस्त लागू हुआ था। अवध के शक्तिशाली तालुकेदारों और जमींदारों की शोषणकारी लगान व्यवस्था 1952 के जमींदारी उन्मूलन कानून के बाद समाप्त हुई और काश्तकारों को जमीन का मालिकाना हक मिला।
प्रतापगढ़ में कानून का इतिहास
अध्याय 12 ➔ सेक्शन: 'जिला पुलिस तंत्र, ऐतिहासिक कोतवाली एवं न्यायपालिका'
जिले में कानून-व्यवस्था के लिए पुरानी कोतवाली और ग्रामीण थानों का जाल बिछाया गया। कछार के बीहड़ों में डकैती व अपराध नियंत्रण के लिए विशेष पुलिस दस्ते बने। बेल्हा कचहरी में जिला जज न्यायालय के तहत दीवानी व फौजदारी न्याय का 100 वर्ष पुराना इतिहास है।
प्रतापगढ़ के सरकारी विभागों का इतिहास
अध्याय 13 ➔ सेक्शन: 'प्रमुख राज्य स्तरीय विभाग एवं विकास एजेंसियां'
जिले की बुनियादी सुविधाओं के निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD), शारदा नहर एवं नलकूप सिंचाई प्रभाग, कृषि विस्तार निदेशालय, सामाजिक वानिकी प्रभाग और विद्युत आपूर्ति निगम के ऐतिहासिक कार्यालयों की स्थापना का विस्तृत विवरण दर्ज है।
प्रतापगढ़ की पंचायतों का इतिहास
अध्याय 14 ➔ सेक्शन: 'नगर पालिका परिषद, टाउन एरिया एवं पंचायती राज'
जिले में स्वतंत्रता के बाद त्रिस्तरीय पंचायती राज (ग्राम पंचायत, क्षेत्र समिति, जिला परिषद) की नींव पड़ी। बेल्हा (प्रतापगढ़) नगर पालिका और विभिन्न कस्बाई टाउन एरिया कमेटियों ने शहरी पेयजल, मार्ग प्रकाश और स्वच्छता का प्रबंध संभाला।
प्रतापगढ़ की शिक्षा का इतिहास
अध्याय 15 ➔ सेक्शन: 'संस्कृत पाठशालाएं, आधुनिक स्कूल व डिग्री कॉलेज'
जिले में प्राचीन संस्कृत पाठशालाओं और मकतबों की समृद्ध परंपरा थी। 1960 के दशक में प्रताप बहादुर (P.B.) डिग्री कॉलेज और मदन मोहन मालवीय डिग्री कॉलेज खुले। महाकवि भिखारी दास और बाबू पट्टी के डॉ. हरिवंश राय बच्चन जिले के गौरव हैं।
प्रतापगढ़ की चिकित्सा का इतिहास
अध्याय 16 ➔ सेक्शन: 'जनस्वास्थ्य, विक्टोरिया अस्पताल एवं महामारी नियंत्रण'
1890 के दशक में विक्टोरिया अस्पताल (वर्तमान जिला अस्पताल) की स्थापना हुई थी। जिले में प्राचीन काल में हैजा, प्लेग और चेचक जैसी भयानक महामारियों से लड़ने के लिए आइसोलेशन वार्ड, आयुर्वेदिक औषधालय और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) स्थापित हुए।
प्रतापगढ़ की समाज सेवा का इतिहास
अध्याय 17 ➔ सेक्शन: 'सामाजिक सुरक्षा, मद्यनिषेध अभियान एवं जन कल्याण'
जिले में स्वतंत्रता सेनानियों के सहयोग से नशा मुक्ति व मद्यनिषेध (शराबबंदी) का व्यापक आंदोलन चला। अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण, अनाथालयों, वृद्धावस्था पेंशन और द्वितीय विश्व युद्ध व सीमा युद्धों के भूतपूर्व सैनिकों के पुनर्वास हेतु कल्याणकारी संस्थाएं बनीं।
प्रतापगढ़ की राजनीति का इतिहास
अध्याय 18 ➔ सेक्शन: '1952 आम चुनाव, किसान आंदोलन एवं हिंदोस्थान प्रेस'
1920 का ऐतिहासिक अवध किसान आंदोलन (बाबा रामचंद्र) बेल्हा से ही भड़का था। 1952 के पहले आम चुनाव से जिले की चुनावी राजनीति शुरू हुई। राजा रामपाल सिंह द्वारा कालाकांकर से प्रकाशित 'हिंदोस्थान' दैनिक समाचार पत्र ने राष्ट्रीय पत्रकारिता को दिशा दी।
प्रतापगढ़ की खास जगहों का इतिहास
अध्याय 19 ➔ सेक्शन: '26 प्रमुख ऐतिहासिक स्थल, प्राचीन दुर्ग एवं तीर्थ'
जिले में 26 प्रमुख ऐतिहासिक व धार्मिक स्थल दर्ज हैं: मां बेल्हा देवी धाम, बाबा घुइसरनाथ धाम, बेलखरनाथ, भयहरणनाथ, मानिकपुर के ऐतिहासिक गंगा घाट, कालाकांकर का राजभवन और सई तट पर राजा प्रताप सिंह का 300 वर्ष पुराना प्राचीन किला।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

❓ प्रतापगढ़ जिला गजेटियर (1980) क्या है?

यह उत्तर प्रदेश सरकार के गजेटियर विभाग द्वारा प्रकाशित आधिकारिक व प्रामाणिक ऐतिहासिक दस्तावेज है। इसकी मुख्य संपादक श्रीमती ईशा बसंती जोशी (आई.ए.एस.) थीं। इसमें जिले के भूगोल, समाज, खेती, उद्योग, कानून और इतिहास का सटीक लेखा-जोखा दर्ज है।

❓ इस गजेटियर में कुल कितने अध्याय हैं?

इस गजेटियर में कुल 19 विस्तृत अध्याय हैं, जो नदियों और जंगलों से लेकर राजनीति, प्रशासनिक व्यवस्था और ऐतिहासिक दर्शनीय स्थलों तक प्रत्येक पहलू को गहराई से कवर करते हैं।

❓ क्या इस पोर्टल पर दी गई सभी जानकारियां प्रामाणिक हैं?

हाँ, इस डिजिटल आर्काइव की प्रत्येक जानकारी 1980 के मूल सरकारी गजेटियर से शब्दशः प्रमाणित करके आम बोलचाल की सरल हिंदी में प्रस्तुत की गई है ताकि युवा पीढ़ी अपने जिले के वास्तविक इतिहास को आसानी से समझ सके।

❓ क्या किसी खास अध्याय को अलग से पढ़ा जा सकता है?

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❓ क्या यह डिजिटल गजेटियर निःशुल्क है?

जी हाँ, यह पूरा डिजिटल आर्काइव विद्यार्थियों, शोधार्थियों, पत्रकारों और बेल्हा के जागरूक नागरिकों के लिए प्रतापगढ़ हब द्वारा 100% निःशुल्क और सार्वजनिक उपलब्ध कराया गया है।

🔍 प्रतापगढ़ गजेटियर विषयवार खोज एवं सर्च इंडेक्स

गूगल एवं सर्च इंजनों में प्रतापगढ़ के इतिहास, भूगोल, समाज और धरोहरों से संबंधित प्रमुख खोज-सूचकांक (Search Index Tags):

1. भूगोल, नदियाँ एवं प्राकृतिक संपदा
प्रतापगढ़ की नदियां सई नदी का इतिहास बकुलाही नदी उद्गम गंगा नदी मानिकपुर घाट चामू नदी लोनी नदी सकरनी नदी सई नदी कछार बेल्हा देवी सई तट प्रतापगढ़ का भूगोल वन्यजीव प्रतापगढ़ पुराने जंगल और बीहड़ प्रवासी पक्षी बेल्हा जिले का भूजल स्तर प्राकृतिक आपदाएं व बाढ़
2. समाज, जातियाँ, जनजीवन व संस्कृति
प्रतापगढ़ का जनजीवन बेल्हा का सामाजिक इतिहास प्रतापगढ़ की जातियां अवधी लोक संस्कृति पारंपरिक रीति-रिवाज ग्रामीण मेले व त्योहार ऐतिहासिक वेशभूषा खानपान और देहाती जीवन 1980 की जनसांख्यिकी धार्मिक सद्भाव बेल्हा लोकगीत व बिरहा संयुक्त परिवार परंपरा
3. खेती, सिंचाई, फसलें व आंवला
प्रतापगढ़ की खेती शारदा नहर नेटवर्क प्राचीन कुएं और रहट रबी खरीफ फसलें प्रतापगढ़ का आंवला आंवला उत्पादन बेल्हा कृषि भूमि सुधार पारंपरिक हल-बैल खेती तालाब और पोखरे सिंचाई नलकूप योजना सब्जी व फल उत्पादन किसान और खेतिहर मजदूर
4. उद्योग, व्यापार, मंडियां व बैंकिंग
प्रतापगढ़ के उद्योग आंवला मुरब्बा उद्योग कुटीर उद्योग व हथकरघा बढ़ईगिरी व लोहारी चीनी मिल प्रतापगढ़ साहूकारी व महाजनी प्रथा ऐतिहासिक गल्ला मंडियां साप्ताहिक देहाती बाजार कटरा गुलाब सिंह बाजार आधुनिक बैंकों की शुरुआत सिक्के और प्राचीन मुद्राएं व्यापारिक मार्ग अवध
5. कलेक्ट्रेट, कचहरी, पुलिस व लगान व्यवस्था
प्रतापगढ़ कलेक्ट्रेट इतिहास बेल्हा कचहरी का इतिहास प्रतापगढ़ की तहसीलें ऐतिहासिक थाने व कोतवाली डकैती व अपराध नियंत्रण तालुकेदारी व जमींदारी व्यवस्था 1856 का पहला बंदोबस्त जमींदारी उन्मूलन कानून मालगुजारी व लगान वसूली जिला मजिस्ट्रेट और कलेक्ट्रेट न्यायालय और दीवानी अदालत पटवारी व लेखपाल व्यवस्था
6. शिक्षा, साहित्य, स्वास्थ्य, चुनाव व प्रेस
महाकवि भिखारी दास हरिवंश राय बच्चन बाबू पट्टी संस्कृत पाठशालाएं व गुरुकुल प्राचीन मदरसे व मकतब प्रतापगढ़ के पुराने कॉलेज विक्टोरिया अस्पताल बेल्हा प्लेग हैजा चेचक महामारियां 1952 पहला आम चुनाव कालाकांकर हिंदोस्थान अखबार पंडित मदन मोहन मालवीय अवध बाबा रामचंद्र किसान आंदोलन प्रतापगढ़ की राजनीतिक चेतना
7. ऐतिहासिक धरोहरें, किले, मंदिर व दर्शनीय स्थल
मां बेल्हा देवी मंदिर बाबा घुइसरनाथ धाम बेलखरनाथ धाम भयहरणनाथ धाम प्रतापगढ़ का प्राचीन किला मानिकपुर के ऐतिहासिक घाट कालाकांकर राजभवन हौदेश्वरनाथ धाम सूर्य मंदिर स्वरूपापुर कोट का टीला सई नदी के प्राचीन घाट 26 ऐतिहासिक स्थल

📜 संदर्भ एवं डिजिटल संरक्षण नोट

यह डिजिटल वेब पोर्टल 'उत्तर प्रदेश जिला गजेटियर: प्रतापगढ़ (1980)' पर आधारित एक स्वतंत्र शैक्षिक एवं सांस्कृतिक उपक्रम है। इसका मुख्य उद्देश्य बेल्हा के गौरवशाली और ऐतिहासिक ज्ञान को इंटरनेट पर संरक्षित कर जन-जन तक सुलभ बनाना है।

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