जिला महिला चिकित्सालय प्रतापगढ़ ( District Woman Hospital Pratapgarh )

1

जिला महिला चिकित्सालय (100 शैय्या युक्त MCH विंग), प्रतापगढ़: मेडिकल कॉलेज संबद्ध संपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं, विभागवार विवरण, पैथोलॉजी जांच एवं डॉक्टर डायरेक्टरी

प्रतापगढ़ जिले की मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की जीवनरेखा जिला महिला चिकित्सालय (100-Bedded MCH Wing) अब एक साधारण सरकारी अस्पताल नहीं, बल्कि डॉ. सोनेलाल पटेल स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय (Autonomous State Medical College, Pratapgarh) का मुख्य प्रसूति एवं बाल रोग शिक्षण अस्पताल है। आजाद नगर स्थित यह 100 बेड का आधुनिक विंग जिले भर की गर्भवतियों, प्रसूताओं, नवजातों और किशोरी बालिकाओं को उच्चस्तरीय चिकित्सकीय विशेषज्ञता, मुफ्त दवाएं, 40+ पैथोलॉजी जांचें और 24 घंटे आपातकालीन सर्जरी सेवाएं पूरी तरह से निःशुल्क उपलब्ध करा रहा है।
🏥 अस्पताल का स्वरूप
100 बेड MCH विंग (मेडिकल कॉलेज संबद्ध)
📍 आधिकारिक पता
आजाद नगर, बेल्हा प्रतापगढ़ (230001)
👩‍⚕️ मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका (CMS)
डा० रीना प्रसाद (9415615415)
🚨 आपातकालीन सेवा (EMO)
24 घंटे लेबर रूम व इमरजेंसी सक्रिय
🚑 निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा
मातृ-शिशु: 102 | इमरजेंसी: 108
💰 प्रसव एवं इलाज शुल्क
100% पूर्णतः निःशुल्क (JSY/JSSK)

🏛️ जिला महिला अस्पताल से 'मेडिकल कॉलेज MCH विंग' तक का स्वर्णिम सफर

बेल्हा प्रतापगढ़ के आजाद नगर (कचहरी रोड) स्थित जिला महिला चिकित्सालय दशकों से जिले की लाखों ग्रामीण व शहरी माताओं-बहनों के विश्वास का केंद्र रहा है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत जब यहाँ 100 शैय्या युक्त मातृ एवं शिशु विंग (100-Bedded MCH Wing) का भव्य निर्माण हुआ, तो जिले में प्रसूति सेवाओं का चेहरा ही बदल गया। इसके पश्चात उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा डॉ. सोनेलाल पटेल स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना के साथ ही इस विंग को मेडिकल कॉलेज के प्रसूति एवं स्त्री रोग (Obs & Gynae) तथा बाल रोग (Pediatrics) विभाग के रूप में अंगीकार कर लिया गया।

आज यह केवल एक प्राथमिक प्रसव केंद्र नहीं है, बल्कि यहाँ मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, सीनियर रेजिडेंट्स और विशेषज्ञ चिकित्सकों की पूरी टीम चौबीसों घंटे तैनात रहती है। इससे पहले जहाँ सामान्य से अधिक जटिल केस या गंभीर प्री-एक्लैम्पसिया होने पर प्रसूताओं को प्रयागराज (एसआरएन) अथवा लखनऊ रेफर कर दिया जाता था, वहीं अब अधिकांश हाई-रिस्क डिलीवरी और जटिल ऑपरेशन यहीं अत्याधुनिक मॉड्यूलर ओटी में सुरक्षित संपन्न हो रहे हैं।

🏥 अस्पताल के प्रमुख विभाग एवं विशिष्ट स्वास्थ्य सेवाएं

आम जनता और मरीजों की सुविधा के लिए अस्पताल के प्रत्येक विभाग की कार्यप्रणाली, जांच सुविधाओं और उनके लाभ की प्रामाणिक जानकारी नीचे विस्तार से दी जा रही है:

🤰 1. प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग (Department of Obstetrics & Gynaecology)

यह अस्पताल का सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण अंग है। यहाँ प्रसव पूर्व जांच (ANC) से लेकर प्रसव पश्चात देखभाल (PNC) तक की विश्वस्तरीय व्यवस्था उपलब्ध है। मेडिकल कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अंजली चौधरी, डॉ. प्रियंका सिंह, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. तौहिदा, डॉ. वर्तिका सिंह और सीनियर रेजिडेंट्स की टीम यहाँ नियमित सेवाएं देती हैं।

✨ प्रमुख सुविधाएं व उपचार:

  • एएनसी क्लिनिक (Antenatal Care): प्रत्येक गर्भवती महिला का रक्तचाप, वजन, गर्भस्थ शिशु की धड़कन, पेट की जांच और टेटनस (Td) टीकाकरण। प्रत्येक माह की 9 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) के तहत उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों (HRP) की विशेष जांच।
  • सामान्य प्रसव कक्ष (Labor Room): चौबीसों घंटे दक्ष स्टाफ नर्सों और महिला डॉक्टरों की देखरेख में प्राकृतिक व दर्द रहित प्रसव की सुविधा। लेबर रूम में सभी आवश्यक जीवन रक्षक दवाएं और बेबी रिससिटेशन किट मौजूद हैं।
  • सिजेरियन ऑपरेशन (LSCS): गर्भ में बच्चे की उल्टी स्थिति, गर्भनाल फंसने, अत्यधिक रक्तस्राव या लेबर पेन में रुकावट होने पर तुरंत इमरजेंसी सिजेरियन डिलीवरी।
  • स्त्री रोग शल्य चिकित्सा: गर्भाशय की रसौली (Uterine Fibroids), डिम्बग्रंथि में गांठ (Ovarian Cysts), एक्टोपिक प्रेग्नेंसी, यूट्रस प्रोलैप्स (बच्चेदानी खिसकना) और अत्यधिक मासिक स्राव (D&C) का सफल ऑपरेशन।
👶 2. बाल रोग विभाग एवं नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (Pediatrics & SNCU)

नवजात शिशुओं की जान बचाने के लिए MCH विंग में स्थापित एसएनसीयू (Special Newborn Care Unit) प्रतापगढ़ का सबसे बड़ा और आधुनिक सरकारी लाइफ-सपोर्ट सेंटर है। वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आर.के. पाण्डेय और डॉ. शैलेन्द्र कुशवाहा के मार्गदर्शन में यह यूनिट 24 घंटे कार्य करती है।

✨ एसएनसीयू की जीवन रक्षक सुविधाएं:

  • रेडिएंट वार्मर एवं इनक्यूबेटर: समय से पहले जन्मे (Preterm) तथा 2.5 किलोग्राम से कम वजन वाले (Low Birth Weight) कमजोर नवजातों के शरीर का तापमान नियंत्रित रखने की व्यवस्था।
  • फोटोथेरेपी यूनिट (Phototherapy): जन्म के तुरंत बाद नवजात में पीलिया (Neonatal Jaundice) होने पर नीली रोशनी वाली एलईडी फोटोथेरेपी द्वारा बिलिरुबिन को सुरक्षित स्तर पर लाना।
  • बबल सीपैप एवं ऑक्सीजन सपोर्ट: जन्म के समय सांस न ले पाने वाले (Birth Asphyxia) या फेफड़ों के संक्रमण से जूझ रहे गंभीर शिशुओं के लिए निर्बाध ऑक्सीजन और श्वसन सहायता।
  • कंगारू मदर केयर (KMC Ward): माताओं को अपने सीने से चिपकाकर बच्चे को प्राकृतिक गर्माहट और स्तनपान कराने की वैज्ञानिक तकनीक का प्रशिक्षण।
🥣 3. पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC - Nutrition Rehabilitation Centre)

जिले के अति कुपोषित (SAM - Severe Acute Malnourished) बच्चों को नया जीवन देने के लिए अस्पताल में 10 बिस्तरों वाला पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) संचालित है। इसके प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंकुर सिंह (मो. 7080262451) हैं।

✨ एनआरसी में मिलने वाले विशेष लाभ:

  • 14 दिवसीय निःशुल्क भर्ती: गंभीर रूप से कमजोर, सूखंडी रोग या सूजन से पीड़ित 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को 14 दिनों तक भर्ती रखकर विशेष चिकित्सीय आहार दिया जाता है।
  • वैज्ञानिक पोषण आहार: प्रशिक्षित डायटीशियन की देखरेख में बच्चे को विशेष फॉर्मूला दूध (F-75 और F-100), सूक्ष्म पोषक तत्व, विटामिन और मिनरल्स का संतुलित आहार मिलता है।
  • माता को दैनिक मजदूरी भत्ता: अस्पताल में बच्चे के साथ रहने वाली माँ को प्रतिदिन तीन वक्त का मुफ्त पौष्टिक भोजन मिलता है और मजदूरी की क्षतिपूर्ति के रूप में ₹50 प्रतिदिन की दर से कुल ₹700 का नकद भत्ता सीधे बैंक खाते में दिया जाता है।
🔬 4. केंद्रीय पैथोलॉजी एवं डायग्नोस्टिक प्रयोगशाला (Central Diagnostic Lab)

वरिष्ठ पैथोलॉजिस्ट डॉ. नवनीत कुमार (मो. 9415475622) के कुशल नेतृत्व में संचालित यह प्रयोगशाला पूरी तरह से कंप्यूटरीकृत और आधुनिक ऑटोएनालाइजर मशीनों से सुसज्जित है। यहाँ की सभी जांचें सरकारी नियमानुसार 100% निःशुल्क होती हैं।

📋 पैथोलॉजी में उपलब्ध प्रमुख जांचों का संपूर्ण विवरण:

  • रुधिर जांच (Hematology): सीबीसी (Complete Blood Count - Hb, TLC, DLC, Platelet Count, RBC Indices), ईएसआर (ESR), ब्लीडिंग एवं क्लॉटिंग टाइम (BT/CT), पेरिफेरल ब्लड स्मीयर (PBS)।
  • रक्त समूह एवं अनुकूलता: एबीओ ब्लड ग्रुपिंग एवं आरएच फैक्टर (Blood Group & Rh Typing), गर्भवतियों के लिए इनडायरेक्ट कूम्ब्स टेस्ट (ICT)।
  • बायोकेमिस्ट्री जांच (Biochemistry):
    • ब्लड शुगर (Fasting, Post Prandial, Random) - गर्भावधि मधुमेह (Gestational Diabetes) की पहचान हेतु।
    • लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT) - सीरम बिलिरुबिन (Total & Direct), एसजीओटी (SGOT), एसजीपीटी (SGPT), अल्कलाइन फॉस्फेट (ALP), टोटल प्रोटीन व एल्बुमिन।
    • किडनी फंक्शन टेस्ट (KFT) - सीरम यूरिया (Blood Urea), सीरम क्रिएटिनिन (Serum Creatinine), यूरिक एसिड।
    • सीरम इलेक्ट्रोलाइट्स (सोडियम, पोटैशियम, क्लोराइड)।
  • सीरोलॉजी एवं संक्रामक रोग स्क्रीनिंग: एचआईवी (HIV I & II Screening), हेपेटाइटिस-बी (HBsAg), हेपेटाइटिस-सी (HCV), सिफलिस (VDRL / RPR Card Test)।
  • मूत्र एवं नैदानिक परीक्षण (Clinical Pathology): यूरिन रूटीन एवं माइक्रोस्कोपी (Urine R/M - पस सेल्स, आरबीसी, क्रिस्टल्स), मूत्र में एल्बुमिन और शुगर की जांच, यूरिन प्रेग्नेंसी टेस्ट (UPT किट)।
  • मौसमी एवं संक्रामक रोग किट: डेंगू एनएस1 एवं आईजीएम/आईजीजी (Dengue Rapid Card), मलेरिया रैपिड किट (MP Card - Vivax & Falciparum), टायफाइड विडाल टेस्ट (Widal Test)।
🩻 5. रेडियोलॉजी एवं अल्ट्रासाउंड विंग (Radiology & Ultrasound Services)

मातृ-शिशु स्वास्थ्य में इमेजिंग का बहुत बड़ा महत्व है। अस्पताल परिसर में गर्भवतियों की सुविधा के लिए डिजिटल डायग्नोस्टिक व्यवस्था मौजूद है:

✨ इमेजिंग सुविधाएं:

  • अल्ट्रासाउंड (USG / Sonography): गर्भवती महिलाओं के गर्भस्थ शिशु की सही स्थिति, गर्भनाल की बनावट, गर्भजल (Amniotic Fluid Index) और बच्चे की धड़कन जांचने हेतु अत्याधुनिक सोनोग्राफी मशीन। जननी सुरक्षा योजना के तहत यह जांच पूर्णतः मुफ्त है।
  • डिजिटल एक्स-रे (Digital X-Ray): प्रसूता अथवा मरीजों के सीने के संक्रमण, पेल्विक हड्डियों की जांच और आकस्मिक आघात की स्थिति में उच्च गुणवत्ता का डिजिटल एक्स-रे।
💉 6. निश्चेतना एवं मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर विंग (Anesthesia & OT Complex)

किसी भी सफल शल्य चिकित्सा की रीढ़ एनेस्थीसिया टीम होती है। MCH विंग में वरिष्ठ एनेस्थेटिस्ट डॉ. हसन सगीर (मो. 8299082059) एवं डॉ. अस्मिता सिंह (मो. 9794400313) के निर्देशन में आधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर 24 घंटे क्रियाशील रहता है।

✨ ओटी की मुख्य विशेषताएं:

  • स्पाइनल एवं जनरल एनेस्थीसिया: सिजेरियन डिलीवरी और स्त्री रोग ऑपरेशनों में दर्द रहित सुरक्षित निश्चेतन की आधुनिकतम तकनीक।
  • मल्टीपैरा मॉनिटरिंग व वेंटिलेटर बैकअप: ऑपरेशन के दौरान मरीज के हृदय गति, ईसीजी, ऑक्सीजन सेचुरेशन और रक्तचाप की निरंतर सेकंड-टू-सेकंड डिजिटल निगरानी।
  • सेंट्रल ऑक्सीजन पाइपलाइन: संक्रमण-मुक्त हेपा-फिल्टर युक्त वातावरण और निर्बाध मेडिकल ऑक्सीजन आपूर्ति।
🚨 7. 24x7 आकस्मिक चिकित्सा सेवा (Emergency Medical Services & EMO Duty)

प्रसव पीड़ा या मातृ-शिशु आपात स्थिति कभी भी समय देखकर नहीं आती। इसलिए अस्पताल की इमरजेंसी यूनिट चौबीसों घंटे सातों दिन अलर्ट मोड पर रहती है। वरिष्ठ ईएमओ डॉ. सुनित पाण्डेय (मो. 9450958015) एवं डॉ. एम.एस. खान (मो. 9839828352) आपातकालीन कक्ष में ड्यूटी पर मुस्तैद रहते हैं।

✨ इमरजेंसी में तत्काल प्रबंधन:

  • प्रसवकालीन आपात स्थितियां: अत्यधिक रक्तस्राव (PPH/APH), गर्भाशय फटने का खतरा, गंभीर प्री-एक्लैम्पसिया (दौरे पड़ना) में तत्काल ड्रिप, इंजेक्शन और वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ की उपलब्धता।
  • नवजात ट्राइएज (Triage): गंभीर रूप से बीमार नवजात को बिना किसी कागजी देरी के तुरंत एसएनसीयू में शिफ्ट करने की रेड-चैनल व्यवस्था।
💉 8. राष्ट्रीय मातृ-शिशु प्रतिरक्षण एवं टीकाकरण केंद्र (Universal Immunization)

अस्पताल का टीकाकरण कक्ष राष्ट्रीय टीकाकरण सारणी के अनुसार बच्चों और गर्भवतियों को 12 जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए पूरी तरह समर्पित है।

✨ निःशुल्क उपलब्ध टीके:

  • जन्म के तुरंत बाद (Zero Dose): बीसीजी (BCG - टीबी से बचाव), पोलियो की खुराक (Zero OPV), हेपेटाइटिस-बी बर्थ डोज।
  • नियमित अंतराल पर: पेंटावेलेंट (गलघोंटू, काली खांसी, टिटनेस, हेपेटाइटिस-बी, हिब), रोटावायरस (डायरिया बचाव), आईपीवी, पीसीवी (निमोनिया बचाव), एमआर (खसरा-रूबेला) एवं विटामिन-ए घोल।
  • गर्भवती महिलाओं हेतु: टीडी-1, टीडी-2 अथवा टीडी-बूस्टर का टीका अनिवार्य रूप से लगाया जाता है।
🌸 9. परिवार कल्याण एवं काउंसलिंग केंद्र (Family Planning & Counseling)

छोटा परिवार-सुखी परिवार के संकल्प को साकार करने के लिए अस्पताल में प्रशिक्षित काउंसलर दंपतियों को सुरक्षित परिवार नियोजन के उपाय समझाते हैं।

✨ उपलब्ध साधन व प्रोत्साहन:

  • अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक उपाय: प्रसव पश्चात तुरंत लगने वाली कॉपर-टी (PPIUCD), त्रैमासिक अंतरा (Antara) गर्भनिरोधक इंजेक्शन, गैर-हार्मोनल साप्ताहिक छाया (Chhaya) गोलियां और कंडोम का निःशुल्क वितरण।
  • महिला नसबंदी (Mini-Lap / Laparoscopy): अनुभवी सर्जनों द्वारा सुरक्षित महिला नसबंदी और सरकार द्वारा नियमानुसार लाभार्थी को डीबीटी प्रोत्साहन राशि।
🛡️ 10. प्रशासनिक नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था एवं पारदर्शी शिकायत निवारण

अस्पताल में पूर्व में हुई नवजात शिशुओं के संशय अथवा हंगामे जैसी अप्रिय घटनाओं से कड़ा सबक लेते हुए प्रशासन ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह हाई-टेक बना दिया है।

✨ सुरक्षा और पारदर्शिता के कड़े कदम:

  • 360° सीसीटीवी कैमरों का जाल: लेबर रूम के मुख्य द्वार, नवजात वार्ड, गलियारों, ओपीडी और मुख्य प्रवेश द्वारों पर तीसरी आंख का 24 घंटे कड़ा पहरा है, जिसका सीधा मॉनिटरिंग रूम सीएमएस कार्यालय में है।
  • नवजात सुरक्षा प्रोटोकॉल (Barcode/Tagging): बच्चे के जन्म लेते ही माँ और नवजात शिशु दोनों की कलाई पर एक समान नंबर का वाटरप्रूफ सेफ्टी-टैग बांधा जाता है, जिसे डिस्चार्ज के समय मिलान के बाद ही हटाया जाता है।
  • सुरक्षा गार्ड्स एवं पुलिस सहायता: परिसर में 24 घंटे सुरक्षा गार्ड्स तैनात रहते हैं और किसी भी विवाद की स्थिति में महिला थाना व स्थानीय कोतवाली पुलिस तुरंत एक्शन में आती है।
  • पारदर्शी शिकायत निवारण: यदि किसी भी मरीज से किसी दवा या काम के बदले पैसे की मांग की जाती है, तो मरीज तुरंत सीएमएस कक्ष (9415615415), मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 अथवा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हेल्पलाइन 104 पर सीधी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

📋 जिला महिला चिकित्सालय में कार्यरत चिकित्सा अधिकारियों की संपूर्ण सूची

स्रोत: उत्तर प्रदेश शासन एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (National Health Mission) आधिकारिक सूचना पट्ट। किसी भी आपात स्थिति या परामर्श हेतु नंबर पर क्लिक करके सीधे कॉल लगाई जा सकती है:

क्र. डॉक्टर का नाम पदनाम / विभाग आधिकारिक मोबाइल नंबर
1 डा० रीना प्रसाद मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका (CMS) प्रशासनिक प्रमुख 9415615415
2 डा० अंजली चौधरी असिस्टेंट प्रोफेसर (प्रसूति एवं स्त्री रोग) 9451022054
3 डा० प्रियंका सिंह असिस्टेंट प्रोफेसर (प्रसूति एवं स्त्री रोग) 7233028290
4 डा० वर्तिका सिंह चिकित्सा अधिकारी (Medical Officer) 9005663582
5 डा० तौहिदा स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynecologist) 9452221505
6 डा० विभा सीनियर रेजीडेंट (Senior Resident) 9721822969
7 डा० आर०के० पाण्डेय वरिष्ठ बालरोग विशेषज्ञ (Pediatrician / SNCU) 7398872909
8 डा० हसन सगीर वरिष्ठ एनेस्थेटिस्ट (Senior Anesthetist) 8299082059
9 डा० सुनित पाण्डेय ई०एम०ओ० (Emergency Medical Officer) 24x7 इमरजेंसी 9450958015
10 डा० एम०एस० खान मेडिकल ऑफिसर (Medical Officer / EMO) 9839828352
11 डा० हर्षिता श्रीवास्तव सीनियर रेजीडेंट (Senior Resident) 7652052439
12 डा० अनिल सरोज असिस्टेंट प्रोफेसर (Assistant Professor) 7470372220
13 डा० शैलेन्द्र कुशवाहा बाल रोग विशेषज्ञ (Pediatrician) 9453338401
14 डा० नवनीत कुमार पैथोलॉजिस्ट (Head Pathologist / Lab In-Charge) 9415475622
15 डा० समरीन सीनियर रेजीडेंट (Senior Resident) 7355795097
16 डा० अस्मिता सिंह एनेस्थेटिस्ट (Anesthetist / OT In-Charge) 9794400313
17 डा० अंकुर सिंह मेडिकल ऑफिसर (प्रभारी - एन.आर.सी. कुपोषण केंद्र) 7080262451

🎁 प्रमुख सरकारी कल्याणकारी योजनाएं एवं लाभार्थी अधिकार

जिला महिला अस्पताल में आने वाली हर महिला को उत्तर प्रदेश सरकार और भारत सरकार की इन जनकल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिलता है:

💰 जननी सुरक्षा योजना (JSY)
ग्रामीण: ₹1,400 | शहरी: ₹1,000 (सीधे बैंक खाते में)
🛡️ जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (JSSK)
दवा, भोजन, जांच, प्रसव और खून 100% मुफ्त
🩺 प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना (PMMVY)
प्रथम शिशु पर ₹5,000 की तीन किस्तों में सहायता
💳 आयुष्मान भारत (PMJAY)
गोल्डन कार्ड धारकों को ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज

📸 जिला महिला अस्पताल एवं MCH विंग परिसर की फोटो गैलरी

प्रतापगढ़ 100 शैय्या युक्त मातृ एवं शिशु विंग के प्रशासनिक भवन, लेबर विंग और चिकित्सा परिसर के वास्तविक दृश्य:

📍 गूगल मैप पर 100-Bedded MCH Wing (जिला महिला चिकित्सालय) की लाइव लोकेशन

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. जिला महिला चिकित्सालय (MCH विंग) प्रतापगढ़ में ओपीडी का समय क्या है और पर्चा कैसे बनता है?
अस्पताल में सामान्य ओपीडी प्रातः 8:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक (गर्मियों में) तथा प्रातः 9:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक (सर्दियों में) संचालित होती है। मुख्य काउंटर पर मात्र ₹1 का सरकारी पर्चा बनता है, जो 15 दिनों तक मान्य रहता है। आपातकालीन एवं लेबर रूम सेवाएं 24 घंटे सातों दिन चालू रहती हैं।
Q2. क्या यहाँ सामान्य प्रसव अथवा सिजेरियन (ऑपरेशन) डिलीवरी के लिए कोई शुल्क लगता है?
नहीं, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) एवं जेएसएसके (JSSK) योजना के अंतर्गत सरकारी महिला अस्पताल में सामान्य प्रसव (Normal Delivery) और बड़ा ऑपरेशन (Caesarean Section/LSCS) 100% पूर्णतः निःशुल्क है। सभी दवाएं, सर्जिकल सामग्री, खून की जांच और बेड शुल्क पूरी तरह से मुफ्त प्रदान किए जाते हैं।
Q3. जननी सुरक्षा योजना (JSY) के तहत प्रसूता को कितनी सहायता राशि मिलती है?
जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने पर ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को ₹1400 तथा शहरी क्षेत्र की महिलाओं को ₹1000 की नकद प्रोत्साहन राशि सीधे उनके बैंक खाते में (DBT) अंतरित की जाती है। इसके साथ ही आशा कार्यकर्ता को भी नियत प्रोत्साहन राशि मिलती है।
Q4. अस्पताल की केंद्रीय पैथोलॉजी लैब में कौन-कौन सी मुख्य जांचें मुफ्त होती हैं?
पैथोलॉजिस्ट डॉ. नवनीत कुमार के निर्देशन में सीबीसी (CBC), हीमोग्लोबिन, ब्लड ग्रुप व आरएच, ब्लड शुगर, लिवर जांच (LFT), किडनी जांच (KFT), लिपिड प्रोफाइल, यूरिन रूटीन एवं माइक्रोस्कोपी, एचआईवी (HIV), हेपेटाइटिस-बी (HBsAg), सिफलिस (VDRL), डेंगू कार्ड, मलेरिया और टाइफाइड सहित 40 से अधिक आवश्यक जांचें पूरी तरह से निःशुल्क की जाती हैं।
Q5. कुपोषित बच्चों के लिए पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में भर्ती कराने का क्या नियम है?
अति कुपोषित (SAM) बच्चों को एनआरसी में 14 दिनों के लिए भर्ती किया जाता है। यहाँ डॉ. अंकुर सिंह (मो. 7080262451) और पोषण विशेषज्ञों की देखरेख में बच्चे को चिकित्सीय आहार (F-75, F-100) और दवाएं दी जाती हैं। साथ ही बच्चे की माँ को रहने-खाने के अलावा ₹50 प्रतिदिन का दैनिक मजदूरी भत्ता भी प्रदान किया जाता है।
Q6. गर्भवती महिला को अस्पताल लाने या घर छोड़ने के लिए निःशुल्क 102 एम्बुलेंस कैसे बुक करें?
किसी भी मोबाइल अथवा लैंडलाइन फोन से टोल-फ्री नंबर 102 डायल करें। कंट्रोल रूम को प्रसूता का नाम, वर्तमान स्थिति और गांव/मोहल्ले का सटीक पता बताएं। 102 एम्बुलेंस प्रसूता को घर से अस्पताल लाने और प्रसव के बाद डिस्चार्ज होने पर सुरक्षित घर छोड़ने की 100% निःशुल्क सेवा प्रदान करती है।
🌟 आखिर में एक बात... (मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य ही सशक्त समाज का आधार)

जिला महिला चिकित्सालय एवं 100 शैय्या युक्त MCH विंग, प्रतापगढ़ जनपद के करोड़ों नागरिकों, विशेषकर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए वरदान साबित हो रहा है। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध होने के बाद यहाँ विशेषज्ञ डॉक्टरों, आधुनिक मशीनों और निःशुल्क सुविधाओं का जो विस्तार हुआ है, उसने निजी अस्पतालों के महंगे और अनावश्यक सिजेरियन के चंगुल से आम जनता को बड़ी राहत दी है। किसी भी समस्या या सुझाव के लिए अस्पताल का प्रशासनिक तंत्र हमेशा आपके साथ खड़ा है।

👁️ कुल पाठक / दर्शक संख्या: दर्शक संख्या
⚠️ प्रामाणिक सूचना एवं संपर्क डिस्क्लेमर:
उपरोक्त सभी 17 चिकित्सा अधिकारियों के संपर्क सूत्र उत्तर प्रदेश शासन एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) सूचना पट्ट पर आधारित हैं। अस्पताल परिसर में किसी भी प्रकार की असुविधा, अवैध वसूली या लापरवाही की दशा में सीधे मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका (CMS) कक्ष (9415615415), मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076, अथवा राष्ट्रीय स्वास्थ्य हेल्पलाइन 104 पर तत्काल शिकायत दर्ज कराएं। आपातकालीन एम्बुलेंस हेतु सदैव 102 एवं 108 पर कॉल करें।

एक टिप्पणी भेजें

1टिप्पणियाँ

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !